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Photo Gallery: साइंस कालेज में अनौपचारिक संस्कृत प्रशिक्षण के द्वारा संस्कृत की महत्ता पर व्याख्यान आयोजित

 

साइंस कालेज में अनौपचारिक संस्कृत प्रशिक्षण के द्वारा संस्कृत की महत्ता पर व्याख्यान आयोजित


Venue : Govt. V.Y.T. PG Autonomous College, Durg
Date : 07/12/2018
 

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साइंस कालेज में अनौपचारिक संस्कृत प्रशिक्षण के द्वारा संस्कृत की महत्ता पर व्याख्यान आयोजित

शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग में संस्कृत विभाग एवं अनौपचारिक संस्कृत प्रशिक्षण के द्वारा संस्कृत की महत्ता पर व्याख्यान आयोजित किया गया, जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापकगण छात्र-छात्राओं सहित बाहर से आए लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का प्रारंभ सरस्वती वंदना सहित स्वागत कार्यक्रम से हुआ, जिसमें छात्र-छात्राओं द्वारा गीत, भाषण, नृत्य आदि का प्रस्तुतिकरण किया गया। 
महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. एम. ए सिद्दीकी ने संस्कृत को केवल पूजा पाठ तक सीमित न रखने की बात कही साथ ही उन्होंने बताया कि संस्कृत और विज्ञान को एक-दूसरे का पूरक हैं, जिन्हें संस्कृत आता है उन्हें विज्ञान भी आना चाहिए। हिन्दी विभाग के प्राध्यापक डाॅ. शंकर निषाद ने बताया कि जिन्हें संस्कृत भाषा आती है, उन्हें अन्य भाषाओं को जानने में आसानी होती है। रायपुर से आए विद्वान प्रो. वी.पी.एस. राव ने संस्कृत को चरित्र सिखाने वाली भाषा कही, जिसमें उन्होंने बताया कि पंडित लोग संस्कृत पढ़ते है, इसके बजाय उन्होंने बताया कि जो संस्कृत पढ़ता है वह पंडित बनता है। हमें केवल संस्कृत को भाषा तक सीमित नहीं रखना चाहिए बल्कि उसमें छिपे ज्ञान का लाभ लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले उन्होंने इंजीनियरिंग व मेडिकल कालेजों में एक विषय संस्कृत अवश्य पढ़ाना चाहिए, जिससे संस्कृत मेें निहित वास्तृकला और आयुर्वेद इत्यादि का लाभ मिल सके। 
उक्त कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो. जनेन्द्र कुमार दीवान, डाॅ. अभिषेक मिश्रा,      प्रो. दिलीप कुमार साहू, संस्कृत प्रषिक्षक श्री अमित कुमार मिश्रा तथा 100 के लगभग विद्यार्थी उपस्थित थे। 

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