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Photo Gallery: साईंस कालेज, दुर्ग के प्राचार्य एवं अपर संचालक, उच्चशिक्षा डाॅ. एस.के. राजपूत को सेवा निवृत्ति पर भावभीनी बिदाई

 

साईंस कालेज, दुर्ग के प्राचार्य एवं अपर संचालक, उच्चशिक्षा डाॅ. एस.के. राजपूत को सेवा निवृत्ति पर भावभीनी बिदाई


Venue : Govt. V.Y.T. PG Autonomous College, Durg
Date : 31/10/2018
 

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शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग में आज प्राचार्य एवं अपर सचांलक, उच्चशिक्षा दुर्ग संभाग, दुर्ग डाॅ. एस.के. राजपूत को 40 वर्ष की शासकीय सेवा पूर्ण करने के पश्चात् 65 वर्ष की आयु में सेवा निवृत्त होने पर महाविद्यालय परिवार की ओर से भावभीनी बिदाई दी गयी। डाॅ. राजपूत के बिदाई अवसर पर महाविद्यालय के लगभग एक सैकड़ा से अधिक प्राध्यापक एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे। महाविद्यालय के रवीन्द्रनाथ टैगोर सभागार में डाॅ. राजपूत की सेवा निवृत्ति के साथ-साथ हाॅल ही में स्थानांतरित हुए सहायक प्राध्यापक श्रीमती प्रीति मेहता तथा प्रोफेसर काजल किरण गुलहरे एवं महाविद्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी श्री अघनू लहरी के सम्मान में आयोजित बिदाई समारोह एवं नव पदस्थ प्राध्यापक डाॅ. रमाशंकर सिंह (भौतिकी), डाॅ. श्वेता पाण्डेय (बायोटेक्नालाॅजी) तथा डाॅ. प्रतिभा शर्मा (मनोविज्ञान) एवं महाविद्यालय के रजिस्ट्रार श्री आशुतोष साव तथा प्रयोगशाला परिचारक सुखनंदन साहू के स्वागत में समारोह आयोजित किया गया। 
महाविद्यालय स्टाॅफ क्लब द्वारा आयोजित इस समारोह का संचालन करते हुए डाॅ. ज्योति धारकर ने बिदाई एवं सम्मान समारोह के आरंभ में प्राचार्य डाॅ. राजपूत के लंबे शैक्षणिक एवं प्रशासकीय सेवा काल का उल्लेख करते हुए उनके संबंध में जानकारी दी। डाॅ. धारकर ने हाॅल ही में स्थानांतरित हुए सहायक प्राध्यापकों, सेवा निवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तथा महाविद्यालय में नव पदस्थ प्राध्यापकों एवं रजिस्ट्रार से भी स्टाॅफ क्लब के सभी सदस्यों का परिचय कराया। उल्लेखनीय है, कि 5 अक्टूबर 1953 को जन्में डाॅ. एस.के. राजपूत ने लगभग 30 वर्षों से अधिक अवधि तक स्नातकोत्तर कक्षाओं में शैक्षणिक कार्य का संपादन किया। कार्बेनिक रसायन विषय के व्याख्याता के रूप में शासकीय सेवा का आरंभ साइंस कालेज, रायपुर से करने के पश्चात् सन् 2009 से 2012 तक डाॅ. राजपूत शासकीय गजानंद पीजी कालेज, भाठापारा के प्राचार्य रहे। सन् 2012 से 2014 तक डाॅ. राजपूत खूबचंद बघेल पीजी कालेज, भिलाई-3 के प्राचार्य रहें। सन् 2014 से 2016 तक वे शासकीय महाविद्यालय अरमरीकला तथा बेलौदी के प्राचार्य पद पर भी रहें। सन् 2016 अगस्त में साइंस कालेज, दुर्ग के प्राचार्य पद का कार्यभार संभालने के पश्चात् सन् 2017 में डाॅ. राजपूत के नेतृत्व में नैक बंगलौर द्वारा साइंस कालेज, दुर्ग को मूल्यांकन के पश्चात् ए प्लस ग्रेड प्रदान किया गया। साइंस कालेज, दुर्ग के इतिहास में पहली बार लगातार 3 बार डीएसटी नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित इंस्पायर कैम्प का आयोजन भी डाॅ. राजपूत के नेतृत्व में हुआ। वर्तमान में इन्हीं उपलब्घियों के आधार पर डाॅ. राजपूत को नैक बंगलौर द्वारा पीयर टीम मेंबर के रूप में चयनित किया गया है। कार्यक्रम के आरंभ में अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. एम.ए. सिद्दीकी, डाॅ. राजेन्द्र चैबे, डाॅ. मीता चक्रवर्ती एवं छात्रावास अधीक्षक श्री राधे लाल यादव ने किया। 
डाॅ. राजपूत ने अपने बिदाई समारोह में अपनी सेवा अवधि के दौरान महाविद्यालय परिवार द्वारा दिए गए रचनात्मक सहयोग हेतु कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए शासकीय सेवा के दौरान घटित विभिन्न गतिविधियों को साझा करते हुए उपस्थित महाविद्यालय परिवार से आग्रह किया कि ईमानदारी एवं निष्ठा पूर्वक कार्य करने वाला कभी असफल नही होता। उन्होंनंे साइंस कालेज, दुर्ग की एकता को प्रशंसनीय बताते हुए कहा कि महाविद्यालय की हर सफलता के पीछे महाविद्यालय परिवार की एकता ही उत्तरदायी है। डाॅ. राजपूत ने कर्मचारियों से समय के पाबंद होने, योग आदि के द्वारा सदैव स्वस्थ्य रहने तथा समय के अनुरूप नई तकनीकों को सीखने एवं उनके अनुप्रयोग पर भी बल दिया। महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डाॅ. एम.ए. सिद्दीकी ने अपने संबोधन में डाॅ. राजपूत के प्राचार्य पद के कार्यकाल के दौरान अर्जित उपलब्धियों का विश्लेषण करते हुए इन्हें महाविद्यालय के इतिहास में मील का पत्थर करार दिया। डाॅ. सिद्दीकी ने डाॅ. राजपूत की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए अन्य लोगों के लिए भी इसे अनुकरणीय बताया। महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. राजेन्द्र चैबे ने महाविद्यालय परिवार की ओर से अपने संबोधन में डाॅ. राजपूत को कुशल व्यक्तित्व का धनी एवं सफल प्रशासक की संज्ञा दी। बडे से बडे कार्य को सफलतापूर्वक संपादित करने तथा सभी को साथ में लेकर चलने के डाॅ. राजपूत की विशेषता की डाॅ. चैबे ने प्रशंसा की। डाॅ. चैबे ने कहा कि साईंस कालेज, दुर्ग के प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी मैं नही हम के अवधारणा पर विश्वास रखकर कार्य करते है। 
महाविद्यालय के छात्रावास अधीक्षक एवं मुख्य लिपिक का कार्यभार देखरहे श्री राधे लाल यादव ने कहा कि किसी भी महाविद्यालय के सफल संचालन हेतु प्राचार्य एवं कार्यालयीन स्टाफ के बीच मधुर सामंजस्य होना आवश्यक है। डाॅ. राजपूत के कार्यकाल में महाविद्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को किसी भी कार्य के लिए परेशानी का सामना नही करना पड़ा। सभी वक्ताओं ने महाविद्यालय से सेवानिवृत्त कर्मचारी अधनू राम लहरी के दीर्घ आयु होने की कामना करते हुए उनके सेवा अवधि के दौरान किए गए कार्यों की प्रशंसा की। वक्ताओं ने महाविद्यालय से स्थानांतरित डाॅ. प्रीति मेहता एवं डाॅ. काजल किरण गुलहरे के योगदान का भी उल्लेख करते हुए शुभकामनायें दी कि वे स्थानांतरित महाविद्यालय में भी अपने कार्यों के द्वारा उत्तम स्थान बनाये। महाविद्यालय के नवनियुक्त रजिस्ट्रार श्री आशुतोष साव तथा सहायक प्राध्यापक डाॅ. श्वेता पाण्डेय, डाॅ. प्रतिभा शर्मा एवं प्रोफेसर आर.एस.सिंह से महाविद्यालय के प्राचार्य एवं अन्य वक्ताओं ने आव्हान किया कि वे महाविद्यालय की विकास यात्रा में अपना रचनात्मक सहयोग दें। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन स्टाॅफ क्लब के सचिव डाॅ. राकेश तिवारी ने किया। वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. एम.ए. सिद्दीकी एवं डाॅ. राजेन्द्र चैबे ने सेवानिवृत्त प्राचार्य डाॅ. एस.के. राजपूत तथा अन्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किये। इस अवसर पर सम्पूर्ण महाविद्यालय परिवार के साथ-साथ सेवानिवृत्त प्राचार्य डाॅ. राजपूत की धर्मपत्नि श्रीमती रक्षा राजपूत भी उपस्थित थी। महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डाॅ. प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि आज शामः 5.30 बजे डाॅ. राजपूत ने सेवा निवृत्ति के पश्चात् साईंस कालेज, दुर्ग के प्राचार्य का कार्यभार वरिष्ठ प्राध्यापक एवं गणित के विभागाध्यक्ष डाॅ. एम.ए. सिद्दीकी को सौंपा। 

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