Photo Gallery

Photo Gallery: साइंस कालेज दुर्ग में जीएसटी पर कार्यशाला का समापन जीएसटी के अंतर्गत हर वर्ग को टैक्स के दायरे में लाने का प्रयास- श्रीचंद लेखवानी

 

साइंस कालेज दुर्ग में जीएसटी पर कार्यशाला का समापन जीएसटी के अंतर्गत हर वर्ग को टैक्स के दायरे में लाने का प्रयास- श्रीचंद लेखवानी


Venue : Govt. V.Y.T. PG Autonomous College, Durg
Date : 10/02/2018
 

Story Details

जीएसटी के अंतर्गत हर वर्ग को टैक्स के दायरे में लाने का प्रयास किया गया है। मुख्यतः कन्नाडा में लागू जीएसटी प्रणाली के कई बिंदुओं को हमारे देश की जीएसटी प्रणाली में लेने का प्रयास किया गया है, परंतु विविधताओं से भरे हमारे देश की जीएसटी प्रणाली ज्यादा प्रभावशाली एवं व्यवहारिक प्रतीत होती है। ये उद्गार प्रसिध्द चार्टड एकाउंटेंट श्रीचंद लेखवानी ने आज शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग में व्यक्त किये। श्रीचंद लेखवानी आज महाविद्यालय के आईक्यूएसी द्वारा प्रायोजित एवं वाणिज्य तथा प्रबंधन विभाग तथा अर्थशास्त्र विभाग द्वारा संयुक्त रूप से भारत में कर सुधार का प्रभाव- जीएसटी के संदर्भ में विषय पर आयोजित 3 दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के समापन दिवस पर आयोजित आमंत्रित व्याख्यान में मुख्य वक्ता के रूप में अपने उद्गार व्यक्त कर रहे थे। 
महाविद्यालय के गं्रथालय भवन स्थित रवीन्द्र नाथ टैगोर सभागार में बड़ी संख्या में उपस्थित प्राध्यापकों, शोधार्थियों एवं छात्र-छात्राओं को जीएसटी के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए श्री लेखवानी ने बताया कि हमें जीएसटी से संबंधित समस्त भ्रांतियों को दूर कर ईमानदारी से कर पटाना चाहिए। राष्ट्र निर्माण की दिशा में यह हमारा महत्वपूर्ण योगदान होगा। पैनकार्ड, टीडीएस तथा प्रत्येक लेनदेन का सरकार तक सूचना पहुंचना ही कर प्रणाली का मुख्य उद्देश्य होता है। नोटबंदी पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि नोटबंदी का मुख्य उद्देश्य आर्थिक व्यवस्था में वृहद परिवर्तन हेतु प्लेटफार्म तैयार करना था। आम जनमानस के आर्थिक सुरक्षा हेतु सरकार द्वारा रेरा, दिवालिया कानून तथा जीएसटी कर प्रणाली जैसे आर्थिक सुधार लागू किए गए है। पूर्व में लागू विभिन्न प्रकार के टैक्स की जटिलता एवं समझने में कठिनाई का उल्लेख करते हुए उन्होंने जीएसटी को सभी के लिए एक समान एवं अत्यंत सरल बताया। जीएसटी लागू करने के मुख्य उद्देश्यों की चर्चा करते हुए श्री लेखवानी ने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को करों के दायरे में लाना, अंतिम उपभोक्ता तक लाभ पहुंचाना तथा आपूर्ति आधारित कर प्रणाली लागू करने के साथ-साथ पूरी व्यवस्था लेखांकन एवं तकनीकी पर आधारित होना प्रमुख है। 
विद्यार्थियों द्वारा पूछे गये प्रश्नों के उत्तर देते हुए श्रीचंद लेखवानी ने बताया कि जीएसटी में करों की दर 40 प्रतिशत से ज्यादा नही होगी साथ ही सरकारों को यह अधिकार होगा कि परिस्थिति अनुसार वे कुछ आयटमों में विक्रेता के बदले क्रेता को टैक्स देेने हेतु प्रेरित करें। जीएसटी में ई-काॅमर्स आपरेटर के द्वारा की जाने वाली क्रय, विक्रय प्रणाली पर भी कर लागू होगा। श्री लेखवानी ने बताया कि विभिन्न पर्वों अथवा विशिष्ट अवसरों पर प्रदान किए जाने वाले गिप्ट हैम्पर में यदि 3-4 प्रकार की वस्तुयें जैसेः ड्राई फूड, चाॅकलेट एवं अन्य कर योग्य सामग्री है, तो जिस सामग्री का जीएसटी कर सबसे अधिक होगा वही गिप्ट हैम्पर पर जीएसटी कर माना जायेगा। देश के पहाड़ी प्रदेशों एवं पूर्वोत्तर राज्यों को छोड़कर शेष राज्यों में 20 लाख रूपये प्रतिवर्ष टर्न ओवर वाले व्यापारियों को जीएसटी का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। अर्जुन्दा के डाॅ. नरेश दीवान ने प्रश्न पूछा कि शासकीय कर्मचारी के वेतन पर टैक्स काटा जाता है तथा शेष प्राप्त होने वाले वेतन की राशि से यदि कर्मचारी फिक्स डिपाॅजिट करता है, तो उसपर प्राप्त होने वाली राशि पर पुनः टैक्स क्यों काटा जाता है। वाणिज्य के डाॅ. एस.आर.ठाकुर ने जीएसटी से संबंधित विभिन्न बारीकियों से संबंधित अनेक प्रश्न पूछेें। महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. एस.के. राजपूत ने वाणिज्य एवं अर्थशास्त्र विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित 3 दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला को विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए अत्यंत लाभप्रद बताया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संचालक अर्थशास्त्र की प्राध्यापक डाॅ. अंशुमाला चन्दनगर द्वारा कार्यशाला के विषय-वस्तु पर प्रकाश डालने से हुआ। कार्यशाला के संयोजक डाॅ. ओ.पी. गुप्ता ने मुख्य वक्ता का परिचय देने के साथ-साथ कार्यशाला के 3 दिवसों में सत्रों के दौरान हुए विचार-विमर्श की विस्तृत जानकारी दीएवं वाणिज्य संकाय के बी. काम.अंतिम वर्ष में जीएसटी पाठ्यक्रम को सम्मिलित करने की जानकारी दी तथा एम.काम. के अंतिम वर्ष के छात्रों को लेखांकन ज्ञान एवं प्रशिक्षण के लिए औद्योगिक संस्थानों में भेजने के लिए स्वशासी महाविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल करने का प्रस्ताव रखा जायेगा ।  आयोजन सचिव डाॅ. शिखा अग्रवाल, डाॅ. एम.ए. सिद्दीकी, डाॅ. एस.एन.झा एवं डाॅ. एच.पी. सिंह सलूजा तथा डाॅ. के. पद्मावती ने पुष्प गुच्छ भेंटकर अतिथियों का स्वागत किया। कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। आज उपस्थित प्रमुख प्रतिभागियों में डाॅ. किरण तिवारी, डाॅ. रजनीशकांत तिवारी, डाॅ. नरेश दीवान, डाॅ. रीतेश अग्रवाल, डाॅ. सुमित अग्रवाल, डाॅ. तनवीर अकील, डाॅ. रवीन्दर छाबड़ा, डाॅ. मैरेली राॅय, डाॅ. प्रेमलता तिवारी, डाॅ. हरीश कश्यप, डाॅ. मीता चक्रवर्ती, डाॅ. कमर तलत, डाॅ. सपना शर्मा, डाॅ. मर्सी जाॅर्ज, डाॅ. कल्पना अग्रवाल, डाॅ. सुचित्रा शर्मा, डाॅ. आई.एस. चन्द्राकर ,डाॅ. अभिनेष सुराना, डाॅ. शंकर निषाद, डाॅ. प्रशांत श्रीवास्तव, डाॅ. संजय दास, डाॅ. गोविन्द गुप्ता एवं डाॅ. सविता टिकरिहा शामिल थी। 

साइंस कालेज दुर्ग में जीएसटी पर कार्यशाला का समापन जीएसटी के अंतर्गत हर वर्ग को टैक्स के दायरे में लाने का प्रयास- श्रीचंद लेखवानी Photos