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Photo Gallery: साइंस कालेज दुर्ग में भूगोल विभाग का आयोजन रिमोट सेसिंग एवं जीआईएस आधुनिक विज्ञान की रीढ़ की हड्डी-जाहिद अली

 

साइंस कालेज दुर्ग में भूगोल विभाग का आयोजन रिमोट सेसिंग एवं जीआईएस आधुनिक विज्ञान की रीढ़ की हड्डी-जाहिद अली


Venue : Govt. V.Y.T. PG Autonomous College, Durg
Date : 07/02/2018
 

Story Details

रिमोट सेसिंग एवं जीआईएस आधुनिक विज्ञान की रीढ़ की हड्डी है। इसका अनुप्रयोग दैनिक जीवन के विभिन्न कार्यों जैसे मृदा, जल, प्रदूषण, खनिज सम्पदा, जलवायु, वन, सूचना आदान-प्रदान एवं संचार माध्यमों में व्यापक पैमाने पर हो रहा है। विद्यार्थियों को रिमोट सेसिंग एवं जीआईएस का सूक्ष्म ज्ञान प्राप्त कर रोजगार हेतु प्रयास करना चाहिए। ये उद्गार इंद्रावती भवन रायपुर स्थित टाउन एवं कंट्री प्लानिंग विभाग के संयुक्त संचालक, श्री जाहिद अली ने आज शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग के भूगोल विभाग के सभागार में व्यक्त किये। श्री अली आज भूगोल विभाग द्वारा रिमोट सेसिंग एवं जीआईएस के प्रायोगिक अनुप्रयोग विषय पर आमंत्रित व्याख्यान में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे। 
भूगोल एवं भूविज्ञान विषय के स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को रिमोट सेसिंग की व्यवहारिक जानकारी देते हुए श्री अली ने बताया कि सैटेलाइट के माध्यम से कम समय में त्रुटि रहित जानकारी प्राप्त की जा सकती है। प्राचीन समय में महीनों लगने वाले समय को रिमोट सेसिंग द्वारा काफी कम किया जा सकता है। महाविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में रिमोट सेसिंग एवं जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) को विज्ञान संकाय के प्रत्येक विषय में शामिल किए जाने पर बल देते हुए श्री जाहिद अली ने पृथ्वी की परिक्रमा लगाने वाले धु्रवीय परिभ्रमण सैटेलाइट का विस्तार से उल्लेख किया। विभिन्न लेयर बनाकर जीआईएस आंकड़ों का दैनिक जीवन में अनुप्रयोग का भी प्रशिक्षण श्री अली ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को दिया। श्री अली के व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने अनेक प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासा को शांत किया। कार्यक्रम के संचालक डाॅ. संजय दास ने मुख्य वक्ता का परिचय एवं आमंत्रित व्याख्यान केे विषय पर प्रकाश डाला। 
महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. एस.के. राजपूत ने भूगोल विभाग के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि रिमोट सेसिंग वर्तमान समय में सभी विषयों में प्रासंगिक है तथा भविष्य में सभी संकायों के विद्यार्थियों हेतु रिमोट सेसिंग पर आधारित लोकप्रिय व्याख्यान आयोजित किए जायेगें। माता सरस्वती की पूजन के साथ आरंभ हुए इस आमंत्रित व्याख्यान में भूगोल के विभागाध्यक्ष डाॅ. आई.एस. चन्द्राकर ने कहा कि आने वाले वर्षों में भूगोल के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में रिमोट सेसिंग एवं जीआईएस पर आधारित एक पृथक सैध्दांतिक पेपर शामिल करने का प्रयास जारी है। भू-विज्ञान के प्राध्यापक डाॅ. प्रशांत श्रीवास्तव ने रिमोट सेसिंग पर आधारित व्याख्यान की प्रासंगिकता का विश्लेषण करते हुए कहा कि व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों को अधिक से अधिक प्रश्न पूछकर अपनी शंका निवारण करना चाहिए। भूगोल के प्राध्यापक डाॅ. रंजना शर्मा एवं डाॅ. सुषमा यादव ने भी श्री जाहिद अली के व्याख्यान को विद्यार्थियों हेतु लाभप्रद बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन की आवश्यकता बतायी। 
विद्यार्थियों ने कम्प्यूटर आधारित 21 सेंचुरी साॅप्टवेयर तथा आर्क जीआईएस, मैप इन्फो आदि साॅप्टवेयर की जानकारी भी प्राप्त की। व्याख्यान के दौरान भूविज्ञान के श्री कोमल सिंह वर्मा तथा भूगोल विभाग के श्री राजेश श्रीवास्तव एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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