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Photo Gallery: साइंस कालेज दुर्ग में दुर्ग वि.वि. द्वारा विज्ञान विषयों का लोक व्यापीकरण कार्यक्रम का समापन आधुनिक अव्यवस्थित जीवन शैली ही समस्त विसंगतियों का कारण

 

साइंस कालेज दुर्ग में दुर्ग वि.वि. द्वारा विज्ञान विषयों का लोक व्यापीकरण कार्यक्रम का समापन आधुनिक अव्यवस्थित जीवन शैली ही समस्त विसंगतियों का कारण


Venue : Govt. V.Y.T. PG Autonomous College, Durg
Date : 30/01/2018
 

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आधुनिक अव्यवस्थित जीवन शैली ही समस्त विसंगतियों का कारण है। हमें अपने लाईफ स्टाइल के तरीकों को प्रकृति के नजदीक लाकर सुव्यवस्थित जीवन शैली अपनानी होगी। यह निष्कर्ष आज शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग में छत्तीसगढ़ कौंसिल आॅफ साईंस एण्ड टेक्नालाॅजी रायपुर तथा दुर्ग विश्वविद्यालय दुर्ग के तत्वावधान में महाविद्यालय के रसायन एवं बायोटेक्नालाॅजी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित दो दिवसीय सिम्पोजिया के द्वितीय एवं अंतिम दिन शोधकर्ताओं तथा स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं द्वारा मौखिक प्रस्तुति एवं पोस्टर प्रतियोगिता के दौरान सामने आया। इस दो दिवसीय सिम्पोजिया में दुर्ग जिले के 6 महाविद्यालयों के 318 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। समापन समारोह में विजेताओं को पुरस्कृत करते हुए दुर्ग विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डाॅ. एस.के. त्रिपाठी ने आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को हमेशा सजग रहकर चिंतन करते रहना चाहिए। हर अटपटे प्रश्न से ही महत्वपूर्ण अविष्कार हुए है। महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. एस.के. राजपूत ने शोधार्थियों एवं स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं की मौखिक प्रस्तुति एवं स्नातक स्तर के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत माॅडल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन से विद्यार्थियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त होता है। राजकीय शोक के कारण समापन समारोह अत्यंत सादे रूप में  आयोजित हुआ  प्रातः 11.00 बजे समस्त प्राध्यापकों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों ने 2 मिनट का मौन रखकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजली अर्पित की ।
सरस्वती वंदना के साथ आरंभ हुए समापन सत्र एवं पुरस्कार वितरण समारोह का संचालन डाॅ. प्रशांत श्रीवास्तव ने किया। संयोजक डाॅ. अनुपमा अस्थाना ने विद्यार्थियों के प्रस्तुतिकरण एवं माॅडल प्रदर्शिनी की विषय-वस्तु पर प्रकाश डाला। आयोजन सचिव डाॅ. अनिल कुमार ने दो दिवसीय सिम्पोजियम के सम्पूर्ण कार्यवृत्त को प्रस्तुत करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन की सार्थकता पर बल दिया। दुर्ग विश्वविद्यालय के समन्वयक केन्द्र के नोडल अधिकारी डाॅ. अजय सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। राष्ट्रगान के साथ समापन हुए इस सिम्पोजिया में पुरस्कार वितरण समारोह का संचालन डाॅ. संजू सिन्हा ने किया। समापन समारोह में डाॅ. एम.ए. सिद्दीकी, डाॅ. जगजीत कौर सलूजा एवं डाॅ. आई.एस. चन्द्राकर तथा निर्णायक डाॅ. के.के. शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
आज प्रथम सत्र में 12 शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र पावर प्वाइंट प्रेजेटेंशन के माध्यम से प्रस्तुत किए। इनमें रसायन विभाग की आयशा हासिमी ने ग्रीन केमेस्ट्री, रूपा चक्रवर्ती ने भारी धातु आयन तथा सुरभि ने जल में आर्सेनिक के विश्लेषण, श्रीमती भावना जैन ने प्रदूषण निवारण में फैन्टन विधि का उपयोग तथा बायोटेक्नालाॅजी विभाग के लोहित राज ने हल्बा एवं गोड़ जाति पर फास्फेट की कमी का अध्ययन एवं कु. एकता सिंह ने मुरमुरी पौधे के अध्ययन, वनस्पति शास्त्र की प्रणिता शर्मा ने फंजाई की एन्टी माइक्रोबियल गतिविधि पर तथा चेतना गुप्ता ने भारी धातुओं एवं बायो रैमीडियेशन पर अपने प्रस्तुतिकरण दिये। इसमें प्रथम पुरस्कार बायोटेक्नालाॅजी विभाग के लोहित राज, कु. एकता सिंह को प्राप्त हुआ। द्वितीय पुरस्कार रसायन शास्त्र की भावना जैन तथा तृतीय पुरस्कार रसायन विभाग की आयशा हासिमी तथा वनस्पति शास्त्र की प्रणिता शर्मा को प्राप्त हुआ। स्नातकोत्तर विद्यार्थियों द्वारा किये गये मौखिक प्रस्तुति में शासकीय महाविद्यालय, वैशाली नगर की प्रस्तुति सराहनीय रही। यहां के कु. पूजा सिंह, मूलचंद, हर्ष पाण्डेय एवं नीलम ने पर्यावरण एवं स्वास्थ्य पर सारगर्भित प्रेजेटेंशन दिया। तामस्कर महाविद्यालय के बायोटेक के शिरीन अनवर एवं आकांक्षा सिंह, भूपेन्द्र कोसरे ने विडेलिया पौधे पर वनस्पति शास्त्र के रत्नाकर उपाध्याय एवं साथियों ने माइक्रो रेमेडिएशन पर रसायन शास्त्र के आदित्य नारायण ने चांवल के भूसे के अनुप्रयोग, भूगोल के डिकेश्वर ने आपदा एवं मानव स्वास्थ्य ,भूगर्भशास्त्र के अक्षदा पाटिल, मूलचंद, हर्ष पाण्डेय, नीलम ने प्राकृतिक संसाधनों के दोहन, गणित के खुशबू पटेल एवं साथियों ने पर्यावरण एवं स्वास्थ्य पर, माइक्रोबायलाॅजी के कु. प्रिया साव ने ग्रीन बैक्टीरिया पर तथा भौतिकी के तुषार डे एवं साथियों ने पर्यावरण संरक्षण एवं प्राणीशास्त्र की कु. श्रुति सेंगर ने पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य पर अपनी प्रस्तुतियां दी। 
मौखिक प्रस्तुतिकरण, पोस्टर प्रतियोगिता एवं माॅडल प्रदर्शिनी में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों ने पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया। स्नातक स्तर के विद्यार्थियों हेतु माॅडल प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार बी.एससी तृतीय वर्ष की कु. सृष्टि पाण्डेय, तारिणी साहू, दीपाली नागरे एवं लोकेश चैहान को तथा द्वितीय पुरस्कार बी.एससी तृतीय वर्ष के प्रशांत कंवर एवं गिरीश कुमार साहू तथा नवीन देवांगन को मिला। माॅडल प्रतियोगिता का तृतीय पुरस्कार बी.एससी द्वितीय वर्ष की आरती साहू एवं अस्मिता, आकांक्षा को प्राप्त हुआ। 
विचार मंथन में प्रथम पुरस्कार यामिनी बघेल द्वितीय पुरस्कार मोनिका चन्द्राकर तथा तृतीय पुरस्कार, योगिता साहू, ममता शर्मा, दीप्ति देशमुख, निशा गुप्ता ने प्राप्त किया। पोस्टर प्रतियोगिता में रसायन शास्त्र की टिकेश्वरी, भारती, अंजू महोबिया एवं यामिनी बघेल ने प्रथम तथा वनस्पति शास्त्र के गौकरण, श्यामू, बरखा एवं तरूणा ने द्वितीय तथा माइका्रेबायलाॅजी की निक्की नागे, काजल अरोरा, राखी अरोरा, पूजा ने प्राप्त किया। स्नातकोत्तर छात्रों के मौखिक प्रस्तुतिकरण में रसायन विभाग के आदित्य नारायण तिवारी, सूर्यकांत, पूनम एवं लालचंद साहू तथा द्वितीय पुरस्कार बायोटेक्नालाॅजी के शिरीन अनवर, आकांक्षा सिंह, वेशकुमार देशमुख तथा भूपेन्द्र कोसरे को एवं तृतीय पुरस्कार गीता ठाकुर, टी नेहा, पूनम देशमुख एवं कु. प्रिया साव को तथा वनस्पति शास्त्र की कु. रीना, कु. लीना, कृष्णा तथा रत्नाकर को प्राप्त हुआ। 
निर्णायकों की भूमिका जांजगीर महाविद्यालय के डाॅ. पी.के. सिंह, धरसीवा, रायपुर महाविद्यालय के डाॅ. के.के. शर्मा तथा अम्बागढ़ चैकी महाविद्यालय के डाॅ. आर.एस. सिंह ने अदा की। इस अवसर पर दुर्ग विश्वविद्यालय के डीसीडीसी डाॅ. विकास पंचाक्षरी, वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. एम.ए. सिद्दीकी, डाॅ. जगजीत कौर सलूजा, डाॅ. अनिल कश्यप, डाॅ. सुकुमार चटर्जी, डाॅ. आईएस चन्द्राकर, डाॅ. अनुपमा कश्यप, डाॅ. सतीश सेन, डाॅ. संजू सिन्हा, डाॅ. अलका मिश्रा, डाॅ. प्रशांत श्रीवास्तव, डाॅ. अभिषेक मिश्रा, डाॅ. मौसमी डे, डाॅ. निखिल मिश्रा, डाॅ. राकेश तिवारी, डाॅ. विनोद साहू, डाॅ. अनिता शुक्ला आदि उपस्थित थे। 

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