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Photo Gallery: साइंस कालेज दुर्ग में भूगोल विभाग में रिमोट सेसिंग के अनुप्रयोग पर आमंत्रित व्याख्यान रिमोट सेसिंग में रोजगार की अपार संभावनाएं जाहिद अली

 

साइंस कालेज दुर्ग में भूगोल विभाग में रिमोट सेसिंग के अनुप्रयोग पर आमंत्रित व्याख्यान रिमोट सेसिंग में रोजगार की अपार संभावनाएं जाहिद अली


Venue : Govt. V.Y.T. PG Autonomous College, Durg
Date : 25/01/2018
 

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रिमोट सेसिंग में रोजगार की अपार संभावनाएं है। भूगोल एवं भूविज्ञान जैसे फील्ड अध्ययन पर आधारित विषयों के लिए रिमोट सेसिंग अत्यंत महत्वपूर्ण तकनीक है। ये उद्गार श्री जाहिद अली, संयुक्त संचालक, नगर एवं निवेश प्रभाग, इंद्रावती भवन, नया रायपुर ने आज शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग के स्वामी विवेकानंद आॅडियो विजुअल हाॅल में व्यक्त किये। श्री अली आज महाविद्यालय के भूगोल विभाग द्वारा रिमोट सेसिंग एवं जीआईएस - एक परिदृश्य विषय पर आयोजित आमंत्रित व्याख्यान में मुख्य वक्ता के रूप में बड़ी संख्या में उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। श्री अली ने कहा कि वर्तमान में कुल 31 भारतीय सेटेलाइट लगातार कार्यरत है।
 ग्लोबल पोजिशिनिंग प्रणाली (जीपीएस) की कार्य पध्दति को समझाते हुए श्री अली ने बताया कि चार उपग्रहों के एक साथ कार्य करने पर जीपीएस कार्य करता है। रिमोट सेसिंग एवं जीआईएस को आधुनिक युग का महत्वपूर्ण साधन निरूपित करते हुए श्री अली ने कहा कि रिमोट सेसिंग के अनुप्रयोग से न केवल समय की बचत होती है, अपितु प्राप्त होने वाले आंकड़े भी पूर्णतः सही होते है। रिमोट सेंसिग एवं जीआईएस के जल संसाधन प्रबंधन, वन प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण, खनिज संसाधनों की खोज, मिट्टी एवं फसल के वर्गीकरण, मौसम संबंधी जानकारी तथा टेलीविजन एवं मोबाईल पर कार्यक्रमों का प्रसारण आदि विभिन्न अनुप्रयोगों की विस्तृत एवं रोचक जानकारी श्री अली ने पावर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण के माध्यम से दी। 
महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. एस.के. राजपूत ने अपने संबोधन में भूगोल विभाग द्वारा आमंत्रित व्याख्यान की प्रशंसा करते हुए कहा कि रिमोट सेसिंग कला, वाणिज्य एवं विज्ञान सभी संकायों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। डाॅ. राजपूत ने उपस्थित छात्र-छात्राओं से आग्रह किया कि श्री अली के व्याख्यान से प्राप्त ज्ञान को अकादमिक परीक्षाओं के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षा एवं अन्य आवश्यक स्थानों पर भी प्रयोग करें। भूगोल के विभागाध्यक्ष डाॅ. आई.एस. चन्द्राकर ने बताया कि भूगोल विभाग द्वारा आगामी 30 जनवरी को भी रिमोट सेसिंग एवं जीआईएस पर आधारित आमंत्रित व्याख्यान आयोजित किया जायेगा। भूगोल के प्राध्यापक डाॅ. रंजना शर्मा एवं डाॅ. सुषमा यादव ने रिमोट सेसिंग एवं जीआईएस का एक प्रश्न पत्र एम.ए. भूगोल के पाठ्यक्रम में शामिल रहने की जानकारी देते हुए बताया कि भूगोल विषय के विद्यार्थियों हेतु इस प्रकार के व्याख्यान अत्यंत लाभप्रद से सिध्द होते है। 
कार्यक्रम का आरंभ माता सरस्वती की पूजन अर्चन के साथ हुआ। कार्यक्रम के आरंभ में उद्घोषक एवं भूगोल के प्राध्यापक डाॅ. संजय दास ने व्याख्यान के मुख्य विषय की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। डाॅ. संजय दास ने रिमोट सेसिंग एवं जीआईएस की अकादमिक, व्यवहारिक एवं रोजगारोन्मुखी महत्ता का विस्तार से विश्लेषण किया। अतिथियों का पुष्प गुच्छ से स्वागत भूगोल के विभागाध्यक्ष डाॅ. आई.एस. चन्द्राकर, डाॅ. रंजना शर्मा, डाॅ. सुषमा यादव एवं भूविज्ञान के प्राध्यापक डाॅ. प्रशांत श्रीवास्तव ने किया। भूगोल विभाग की स्नातकोत्तर छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. रंजना शर्मा ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के भूगोल एवं भूविज्ञान विभाग के समस्त स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के छात्र-छात्राऐं उपस्थित थे। 

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