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Photo Gallery: साइंस कालेज दुर्ग में इंस्पायर इंटर्नशिप साइंस कैम्प का चौथा दिन जलवायु को भौगोलिक सीमाओं में नही बांधा जा सकता - डाॅ. टी.एन. सिंह

 

साइंस कालेज दुर्ग में इंस्पायर इंटर्नशिप साइंस कैम्प का चौथा दिन जलवायु को भौगोलिक सीमाओं में नही बांधा जा सकता - डाॅ. टी.एन. सिंह


Venue : Govt. V.Y.T. PG Autonomous College, Durg
Date : 27/11/2017
 

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जलवायु को भौगोलिक सीमाओं में नही बांधा जा सकता। अतः प्रत्येक क्षेत्र, प्रदेश अथवा देश के लोगों को जलवायु संरक्षण हेतु प्रयास करना चाहिए। एक देश द्वारा किए गए पर्यावरण संरक्षण के प्रयास से अनेक देशों को फायदा हो सकता है। ये उद्गार आईआईटी मुबंई के भूगर्भशास्त्र के प्राध्यापक डाॅ. टी.एन. सिंह ने आज  शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग में व्यक्त किये। डाॅ. सिंह आज महाविद्यालय में डीएसटी नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित 5 दिवसीय इंस्पायर इंटर्नशिप साइंस कैम्प के चैथे दिन बड़ी संख्या में उपस्थित छत्तीसगढ़ अंचल के हायर सेकेण्डरी स्तर के विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को संबोधित कर रहे थे। डाॅ. सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में ऊर्जा की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए हमें वैकल्पिक साधनों का भी इस्तेमाल पर गंभीर चिंतन करना होगा। वर्तमान समय में नई शोध की जानकारी देते हुए डाॅ. सिंह ने बताया कि कार्बन डाय आक्साइड की वायुमंडल में उपस्थिति के कारण जहां एक ओर वायुमण्डल प्रदूषित हो रहा है वहीं दूसरी ओर इसी कार्बन डाय आक्साइड को भूमिगत कोयले के खदानों एवं अन्य ऐसे स्थान जहां मीथेन गैस की उपस्थिति है, वहां अंतः प्रवेशित कराकर ऊर्जा को उत्पन्न कराने के प्रयास किए जा रहे है। 
महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. एस.के. राजपूत ने बताया कि आज आयोजित द्वितीय व्याख्यान में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मदन मोहन चतुर्वेदी ने हमारे जीवन प्रणाली पर सारगर्भित जानकारी दी। डाॅ. चतुर्वेदी के व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों में जीवन की उत्पति, खानपान के तरीके, खाने की विभिन्न डिश के महत्व, फास्ट फूड एवं जंक फूड से होने वाले लाभहानि तथा भोजन के समय आदि पर महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे। डाॅ. चतुर्वेदी ने बताया कि हमारे शरीर में करोड़ो बैक्टीरिया उपस्थित रहते है, जो हमेशा परिवर्तन प्रक्रिया कर हमारे विभिन्न रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते है। हमें सादगीपूर्ण भोजन करने का प्रयत्न करना चाहिए तथा विभिन्न प्रकार के जंकफूड अथवा पुराने बचे हुए खाने से हमारे शरीर में एंजाइम ट्राफिकजाम जैसे स्थिति उत्पन्न हो जाती है। विद्यार्थियों द्वारा पूछे गये उत्कृष्ट प्रश्न पर उन्हें पुरस्कृत भी किया गया। 
इंस्पायर कैम्प के सहायक समन्वयक डाॅ. अनिल कुमार एवं डाॅ. अजय सिंह के अनुसार नागपुर विश्वविद्यालय के डाॅ. संजय धोबले ने अपने व्याख्यान में इकोफै्रेडली एलईडी तथा उसके अनुप्रयोग पर रोचक जानकारी प्रदान की। डाॅ. धोेबले ने बताया कि ऊर्जा की बचत तथा आम जनमानस की स्वास्थ्य की दृष्टि से एलईडी बल्ब ज्यादा उपयुक्त पाये गये है। वर्तमान में भारत में कुल खपत होने वाली ऊर्जा का लगभग 30 प्रतिशत एलईडी बल्ब द्वारा खपत हो रहा है। पूर्व में उपयोग में आने वाली फ्लोरोसेंट ट्यूब लाईट में 10 से 15 मिली ग्राम पारे का उपयोग होता था, जो कि पर्यावरण की दृष्टि से अनुकूल नही था। डाॅ. धोबले के व्याख्यान का विद्यार्थियों ने खूब आनंद उठाया। आज विद्यार्थियों के लेखन कौशल परीक्षण हेतु स्वच्छ भारत अभियान में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का योगदान विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गयी। इसमें विद्यार्थियों ने बहुत ही सुन्दर तरीके से अपने विचारों को अभिव्यक्त किया। बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित सामान्य ज्ञान स्पर्धा में गणित समूह में बीएसपी स्कूल सेक्टर-10 के पी.आदर्श ने प्रथम, श्री शंकराचार्य स्कूल सेक्टर-10 की कु. कृतिका यादव तथा तृतीय स्थान सेक्टर-10, भिलाई के श्रेयस पाण्डेय एवं डीएवी स्कूल विश्रामपुर के अनमोल गुप्ता ने प्राप्त किया। बायोलाॅजी समूह में श्री शंकराचार्य विद्यालय सेक्टर-10 के आर्यन वर्मा ने प्रथम, जीनियस पब्लिक स्कूल, नगरी की जया जूपिटर सिंह ने द्वितीय तथा डीएवी दल्लीराजहरा के अनिकेश मांझी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 
इंस्पायर कैम्प के सहायक समन्वयक डाॅ. प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि आज विद्यार्थियों को साइंस कालेज दुर्ग में उपलब्ध आधुनिक प्रयोगशालाओं का भ्रमण एवं प्रायोगिक कार्य भी कराया गया। इन प्रयोगशालाओं में भौतिक, रसायन, गणित, भूगर्भशास्त्र, वनस्पति शास्त्र, प्राणीशास्त्र, माइक्रोबायलाॅजी, बायोटेक्नालाॅजी आदि प्रयोगशालायें शामिल थी। शाम को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में साइंस कालेज दुर्ग के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी, इनमें छत्तीसगढ़ी गीत ष्हाय डारा लोर गेहे रेष् पर समूचा हाॅल झूम उठा। विद्यार्थियों ने सुवा नृत्य भी प्रस्तुत किया। इसके अलावा प्रतिभागी शालेय विद्यार्थियों में डीएवी स्कूल विश्रामपुर तथा डीएवी राजहरा के विद्यार्थियों ने भी नृत्य प्रस्तुत किया। कल इंस्पायर कैम्प के आखिरी दिन हैदराबाद के डाॅ. अमिताभ चट्टोपाध्याय का आमंत्रित व्याख्यान फ्लोरोसेंस स्पेक्ट्रोस्कोपी पर होगा। इसके अलावा शाम 3.00 बजे महाविद्यालय के आॅडिटोरियम में आयोजित समापन समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल श्री शेखर दत्त होंगे। 

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