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Photo Gallery: साइंस कालेज दुर्ग में इंस्पायर इंटर्नशिप साइंस कैम्प का तीसरा दिन छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की दक्षता का विशेषज्ञों ने माना लोहा

 

साइंस कालेज दुर्ग में इंस्पायर इंटर्नशिप साइंस कैम्प का तीसरा दिन छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की दक्षता का विशेषज्ञों ने माना लोहा


Venue : Govt. V.Y.T. PG Autonomous College, Durg
Date : 26/11/2017
 

Story Details

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण एवं शहरी अंचल के विद्यार्थियों ने प्रतिभा का विशाल भंडार है। हमने कभी यह कल्पना नही की थी कि छत्तीसगढ़ अंचल के सुदूर अंचलों के विद्यार्थी इतने स्तरीय प्रश्न पूछेंगे ये उद्गार आज शासकीय शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग में चल रहे पांच दिवसीय इंस्पायर इंटर्नशिप कैम्प के तीसरे दिन आमंत्रित व्याख्यान देने आये विशेषज्ञों ने व्यक्त किये। आज प्रथम व्याख्यान गुजरात विश्वविद्यालय, अहमदाबाद के डॉ. किशोर चिखलिया का हुआ, जिसमें उन्होंने विटामिन के जैव रासायनिक अभिक्रिया के बारे में विस्तार से उपस्थित प्रतिभागियों को जानकारी दी। श्री चिखलिया ने विद्यार्थियों को विटामिन के वर्गीकरण, विशेषता एवं उसकी विलय शीलता पर भी गहराई से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हमारे दैनिक जीवन में विटामिन का अत्यंत महत्व है। सूर्य के प्रकाश से मिलने वाले विटामिन डी प्रत्येक मनृष्य के लिए आवश्यक है। विटामिन के कमी से होने वाले रोगों एवं उनसे बचने के उपायों की जानकारी भी डॉ. चिखलिया ने दी। ग्रीन केमेस्ट्री की उपयोगिता एवं दैनिक जीवन में उसके महत्व का विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से डॉ. चिखलिया ने वर्णन किया। एचआईवी वायरस का लाइफ सायकल तथा औषधीय निर्माण में विटामिन की भूमिका के विश्लेषण पर विद्यार्थियों ने अनेक प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासा का समाधान किया। 
आईक्यूएसी की संयोजक डॉ. जगजीत कौर सलूजा के अनुसार द्वितीय व्याख्यान में श्री असीम पाल ने अल्प समय में गणित के प्रश्नों को हल करने की सारगर्भित जानकारी प्रतिभागी विद्यार्थियों को दी। मात्र 4 सेकण्ड में वर्गमूल एवं धनमूल निकालने की विधि जानकर प्रतिभागी विद्यार्थी अत्यंत प्रसन्न हुये। श्री पाल का सत्र विद्यार्थियों के मध्य काफी लोकप्रिय रहा। श्री पाल ने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी प्रश्न को हल करने के पूर्व उसके मूलभूत सिध्दांतों को याद कर लें तथा एक से दस तक यदि पहाड़ा कण्ठस्थ याद हो तो बहुत सारे सांख्यिकी प्रश्न आसानी से हल किये जा सकते है। उन्होंने गणित के अन्य कठिन प्रश्नों को भी अल्प समय में हल करने के टिप्स प्रतिभागियों को दिये। 
इंस्पायर कैम्प के सहायक समन्वयक डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि इंटर्नशिप कैम्प के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात भी उपस्थित प्रतिभागियों को महाविद्यालय के रवीन्द्र नाथ टैगोर सभागार में सुनवायी गयी। छात्र-छात्राओं ने ध्यानपूर्वक मन की बात सुनकर उस पर विचार-विमर्श किया। इसके पश्चात् महाविद्यालय में संविधान दिवस भी मनाया गया। उल्लेखनीय है, कि 26 नवम्बर 1949 को भारतीय संविधान स्वीकृत हुया था। इसी तथ्य को ध्यान में रखकर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. शकील हुसैन के नेतृत्व में भारतीय संविधान पर संक्षिप्त चर्चा के पश्चात् संविधान दिवस भी मनाया गया। विद्यार्थियों के बौध्दिक क्षमता का परीक्षण करने हेतु विज्ञान के विभिन्न शाखाओं पर आधारित 100 बहुविकल्पीय प्रश्नों युक्त परीक्षा आयोजित की गयी । इस परीक्षा में उपस्थित प्रतिभागियों ने अपनी बुध्दिमता का परिचय दिया। उक्त परीक्षा में प्रथम 3 स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को नकद पुरस्कार प्रदान किये जायेंगे। कल 27 नवम्बर 2017 को विद्यार्थियों की लेखन क्षमता के परीक्षण हेतु निबंध प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी। 
भूगर्भशास्त्र के डॉ. एस.डी. देशमुख एवं गणित के डॉ. राकेश तिवारी एवं डॉ. विनोद साहू ने बताया कि आमंत्रित व्याख्यानों के पश्चात् विद्यार्थियों को उनके सिलेबस के अनुसार प्रायोगिक उपकरणों की जानकारी देने एवं प्रयोगों को स्वयं करके देखने हेतु रायपुर स्थित साइंस सेंटर का भ्रमण कराया गया। साइंस सेंटर में विद्यार्थियों ने भौतिक ,रसायन, गणित, वनस्पति शास्त्र, प्राणीशास्त्र, भूगर्भशास्त्र, मानव शास्त्र, बायोटेक्नालॉजी तथा माइक्रोबायलॉजी जैसे विषयों से संबंधित महत्वपूर्ण प्रयोगों की जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने साइंस सेंटर के भ्रमण को अत्यंत उपयोगी बताया। 
इंस्पायर कैम्प के सहायक समन्वयक डॉ. अनिल कुमार एवं डॉ. अजय सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि इससे पूर्व इंस्पायर कैम्प के दौरान साइंस कालेज दुर्ग में उपलब्ध आधुनिक प्रयोगशालाओं में प्रथम चरण में विद्यार्थियों को भौतिक, रसायन, गणित एवं भूगर्भशास्त्र की प्रयोगशालाओं का भ्रमण कराकर उनके सिलेबस के अनुसार प्रयोग कराये गये। भौतिक शास्त्र में डॉ. पूर्णा बोस, डॉ. जगजीत कौर सलूजा, डॉ. अनिता शुक्ला एवं डॉ. अभिषेक मिश्रा ने भौतिकी के नये प्रयोगों की जानकारी दी। रसायन शास्त्र प्रयोगशाला में डॉ. अलका तिवारी, डॉ. अजय सिंह, डॉ. सुनीता मैथ्यू, डॉ. अजय पिल्लई, डॉ. उपमा श्रीवास्तव, डॉ. अनिल कश्यप, डॉ. अनुपमा कश्यप, डॉ. नूतन राठौड़,  डॉ. प्रेरणा कठाने एवं डॉ सोमा सेन ने रसायन प्रयोगशाला में उपयोग में आने वाले महत्वपूर्ण उपकरणों की जानकारी दी। भूगर्भशास्त्र में पृथ्वी की आतंरिक एवं बाह्य संरचना तथा खनिजों के महत्व पर रोचक जानकारी डॉ. एस.डी देशमुख, डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव, श्री कोमल सिंह वर्मा एवं कु. खुशबू यादव ने विद्यार्थियों को दी। पावर प्वाइंट प्रजेटेंशन के माध्यम से उपग्रह प्रक्षेपण की सम्पूर्ण प्रक्रिया देखकर विद्यार्थी रोमांचित हो उठे। गणित में विद्याथियों को डॉ. एम.ए. सिध्द्दिकी, डॉ. पद्मावती, डॉ. राकेश तिवारी, डॉ. विनोद साहू एवं डॉ. प्राची सिंह ने गणित की महत्ता एवं विभिन्न प्रतिरूपों घन आदि की विस्तृत जानकारी प्रदान की। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस.के. राजपूत ने बताया कि कल 27 नवम्बर को इंस्पायर कैम्प के अंतर्गत दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. एम.एम. चतुर्वेदी का लिविंग सिस्टम की डिजाईन पर प्रथम व्याख्यान होगा। द्वितीय व्याख्यान में आईआईटी मुबंई के भूगर्भशास्त्र के प्राध्यापक डॉ. टी.एन. सिंह ऊर्जा, पर्यावरण तथा जलवायु का भारत के विकास में भूमिका विषय पर महत्वपूर्ण व्याख्या देंगे। दोपहर के सत्र में नागपुर विश्वविद्यालय के डॉ. संयज धोबले इको फ्रेडली एलईडी बल्ब तथा उनके अनुप्रयोगों पर व्याख्यान देंगे। सांस्कृतिक समिति की संयेजक डॉ. अनुपमा अस्थाना के अनुसार शाम के सत्र में बायोलॉजी विभाग की प्रयोगशालाओं का भ्रमण कराया जायेगा तथा शाम को साइंस कालेज दुर्ग, डीएवी स्कूल दल्लीराजहरा तथा डीएवी स्कूल विश्रामपुर के विद्यार्थी संयुक्त रूप से रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देंगे।

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