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Photo Gallery: साइंस कालेज दुर्ग में इंस्पायर साइंस कैम्प का दूसरा दिन सत्य एवं तथ्य का संगम ही जीवन में सफलता का मूलमंत्र - प्रेम प्रकाश पाण्डेय

 

साइंस कालेज दुर्ग में इंस्पायर साइंस कैम्प का दूसरा दिन सत्य एवं तथ्य का संगम ही जीवन में सफलता का मूलमंत्र - प्रेम प्रकाश पाण्डेय


Venue : Govt. V.Y.T. PG Autonomous College, Durg
Date : 25/11/2017
 

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सत्य एवं तथ्य का संगम ही जीवन में सफलता का मूलमंत्र है। केवल लक्ष्य के विषय में सोचने से सफलता प्राप्त नही होती हमें लक्ष्य की प्राप्ति हेतु सकारात्मक प्रयत्न भी करना होगा। ये उद्गार छत्तीसगढ़ शासन के उच्चशिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं राजस्व मंत्री श्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने आज शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर महाविद्यालय दुर्ग में रवीन्द्र नाथ टैगोर सभागार में व्यक्त किये। श्री पाण्डेय आज महाविद्यालय में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित 5 दिवसीय इंस्पायर इंटर्नशिप साइंस कैम्प के दूसरे दिन प्रतिभागी विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर रहे थे। आज श्री पाण्डेय से प्रतिभागी विद्यार्थियों ने देश की शिक्षा प्रणाली, जीवन का लक्ष्य, सफलता का मूलमंत्र तथा ज्ञान का पैमाना एवं सामाजिक मुद्दो पर प्रश्न किये, जिनका श्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने बेबाकी से उत्तर दिया। इस अवसर पर दुर्ग विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एन.पी. दीक्षित, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.एस.के. राजपूत, आईआईटी रूढ़की के डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी के प्रोफेसर डॉ. विजय गुप्ता तथा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के  प्रोफेसर अली मोहम्मद भी उपस्थित थे। 
विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए श्री पाण्डेय ने कहा कि ज्ञान, विज्ञान एवं तकनीक इन्हीं तीनों के संगम से किसी भी अवधारणा का सत्यापन किया जा सकता है। वर्तमान प्रगतिशील युग में जीवन की गति पर नियंत्रण रखने पर बल देते हुए श्री पाण्डेय ने उपस्थित शालेय विद्यार्थियों को सदैव कड़ी मेहनत एवं प्राकृतिक न्याय का पक्षधर रहने की सलाह दी। युवा पीढ़ी को देश की भावी राजनीति का भविष्य तय करने वाली प्रमुख इकाई बताते हुए श्री पाण्डेय ने युवाओं से मतदान में अवश्य भाग लेने की अपील की। विद्यार्थियों ने श्री पाण्डेय से पूछा कि युवा पीढ़़ी राजनीति की ओर आकर्षित क्यों नही हो रही? एक अन्य विद्यार्थी ने शिक्षा पध्दति में सुधार हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी मांगी। डीएवी बिलासपुर के विद्यार्थी ने ब्यूरो क्रैट एवं नेताओं में किसका पावर ज्यादा होता है यह प्रश्न श्री पाण्डेय से किया। दूरस्थ ग्रामीण अंचल की छात्रा ने पूछा कि माता-पिता की इच्छा अथवा स्वयं के लक्ष्य इन दोनों में से किसे ज्यादा महत्व दिया जाना चाहिए। श्री पाण्डेय ने प्रतिभागी विद्यार्थी द्वारा पूछे गये प्रत्येक प्रश्न का बड़ी गंभीरता से उत्तर दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राजेन्द्र चौबे ने किया। इसके पश्चात् उच्चशिक्षा मंत्री श्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने प्रतिभागी विद्यार्थियों के साथ दोपहर का भोजन भी किया। 
इंस्पायर प्रोग्राम के सहायक समन्वयक डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव, डॉ. अनिल कुमार एवं डॉ. अजय सिंह द्वारा संयुक्त रूप से दी गयी जानकारी के अनुसार इंस्पायर प्रोग्राम के दूसरे दिन आज 3 व्याख्यान आयोजित हुये। इनमें डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, आईआईटी रूढ़की ने अपने व्याख्यान में चंद्रमा पर जल की संभावना-चंद्रयान 1 की विशेष पहल विषय पर रोचक व्याख्यान दिया। व्याख्यान के आरंभ में डॉ. धर्मेन्द्र सिंह ने उपस्थित प्रतिभागियों से चंद्रमा के विषय में जानकारी मांगी। चंद्रमा पर जल की संभावना हेतु राडार के माध्यम से सूचनाएं एकत्रित करने एवं प्राप्त डेटा के विश्लेषण संबंधी विस्तृत जानकारी भी डॉ. सिंह ने दी। विभिन्न चंद्र अभियानों से प्राप्त जानकारी के अनुसार चंद्रमा के उतरी एवं दक्षिणी धु्रव पर जल की उपस्थिति की संभावना का भी उन्होंने विश्लेषण करते हुए उन्होंने अनेक रोचक उदाहरण दिये। 
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के डॉ. अली मोहम्मद ने प्रदूषण से संबंधित रोचक व्याख्यान देते हुए प्रदूषण कार्य तत्वों के दुष्प्रभाव एवं उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी। कोमियम, लैड, आर्सेनिक आदि प्रदूषक तत्वों के कारण विश्व के विभिन्न स्थानों पर घटित भीषण दुर्घटनाओं की जानकारी भी डॉ. अली मोहम्मद ने विस्तार से दी। विद्यार्थियों ने प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। डॉ. अली मोहम्मद ने ग्रीन केमेस्ट्री के सिध्दांतों की व्याख्या करते हुए कहा कि संधृत विकास आवश्यक है। 
नेता जी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी नई दिल्ली के गणितज्ञ डॉ. विजय गुप्ता ने अपने व्याख्यान में गोल्डन अनुपात पर बोलते हुए कहा कि विद्यार्थियों को गणित के सिध्दातों से धबराना नही चाहिए। यदि विद्यार्थी बेसिक सूत्रों एवं तथ्यों को याद रखें तो गणित पढ़ने में अत्यंत रूचि आती है। डॉ. विजय गुप्ता ने गोल्डन अनुपात के अन्य रूपों की भी विस्तार से जानकारी दी। 
व्याख्यान सत्र के पश्चात् विद्यार्थियों को जैव विविधता की जानकारी देने एवं पर्यावरण संरक्षण से अवगत कराने समस्त प्रतिभागियों को मैत्री बाग का भ्रमण कराया गया। जहां विद्यार्थियों में भरपूर आनंद उठाया। इंस्पायर प्रोग्राम के तीसरे दिन गुजरात विश्वविद्यालय अहमदाबाद के डॉ. किशोर चिखालिया विटामिन के जैव रासायनिक क्रिया पर आमंत्रित व्याख्यान देंगे। दूसरे व्याख्यान में श्री असीम पाल गणित के प्रश्नों को कम समय में हल करने के तरीके को विस्तार से समझायेंगे। इसके पश्चात् विद्यार्थियों की बौध्दिक क्षमता का परीक्षण करने हेतु बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित परीक्षा भी आयोजित की जायेगी। सर्वप्रथम 3 स्थान प्राप्त विजेजाओं को नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा। विद्यार्थियों को विज्ञान के नवीनतम प्रयोगों की जानकारी प्रदान करने हेतु रायपुर के साइंस सेंटर का भ्रमण भी कराया जायेगा। 

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