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Photo Gallery: इंस्पायर प्रोग्राम का चौथा दिन - जलवायु परिवर्तन और अर्थव्यवस्था का सीधा संबंध - डाॅ. अतुल वर्मा

 

इंस्पायर प्रोग्राम का चौथा दिन - जलवायु परिवर्तन और अर्थव्यवस्था का सीधा संबंध - डाॅ. अतुल वर्मा


Venue : Govt. V.Y.T. PG AUTONOMOUS COLLEGE, DURG
Date : 06/01/2020
 

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जलवायु परिवर्तन और अर्थव्यवस्था का सीधा संबंध होता है, जलवायु में परिवर्तन होते ही अनेक हवाई यात्राऐं, रेल यात्रा, पानी के जहाज तथा अनेक व्यापारिक गतिविधियों पर सीधा प्रभाव पड़ता है। यदि खराब मौसम के कारण प्लाईट लगातार रद्द होती है, तो एक अनुमान के मुताबिक अस्सी हजार यूएस डाॅलर का नुकसान होता है। ये उद्गार भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अहमदाबाद के प्रसिध्द वैज्ञानिक डाॅ. अतुल वर्मा ने आज शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग में चल रहे डीएसटी नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित इंस्पायर साईंस इंटर्नषिप कैम्प में पांचवे दिन अपना आमंत्रित व्याख्यान देते हुए व्यक्त किये। वर्तमान समय में हो रही खंडवृष्टि के कारण समझाते हुए उन्होंने कहा कि यह संवहन धाराओं के एक जगह एकत्रित होने तथा उनकी अधिक तीव्रता के कारण होता है। डाॅ. वर्मा ने बताया कि सायक्लोन, हरिकेन तथा टाॅयफुन सभी एक ही है, केवल क्षेत्र के आधार पर भिन्न भिन्न नामकरण किया गया है। डाॅ. वर्मा ने बहुत अच्छे तरीके से विद्यार्थियों को जलवायु परिवर्तन के कारण एवं उसके प्रभाव को समझाया। उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन से प्राकृतिक आपदा के साथ-साथ हमें अनेक बिमारियों का भी सामना करना पड़ता है। पृथ्वी की घुर्णन गति तथा परिक्रमा पथ में भी धीमी गति से लगातार परिवर्तन होता रहता है, परंतु कई हजार साल में यह परिवर्तन होने के कारण हमंेे महसूस नही होता। डाॅ. वर्मा ने मौसम विज्ञान के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी। 
महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. आर.एन. सिंह ने बताया कि आज आयोजित द्वितीय व्याख्यान में संत तुको जी महराज विष्वविद्यालय नागपुर के प्रसिध्द भौतिक शास्त्री डाॅ. संजय घोबले ने इंस्पायर कैम्प के प्रतिभागी विद्यार्थियों को फोटो ल्यूमिनिसेंस पर आधारित रोचक एवं सारगर्भित जानकारी दी। डाॅ. धोबले ने विद्यार्थियों को भौतिक शास्त्र की जटिलता से न घबराते हुए उसे गहराई तक अध्ययन की सलाह दी। डाॅ. धोबले ने फोटो ल्यूमिनिसेंस की प्रक्रिया एवं भौतिक शास्त्र में इसके महत्व पर प्रकाष डाला। उन्होंने बताया कि प्रत्येक पदार्थ जैसे भिन्न-भिन्न प्रकार के चट्टानों में अलग-अलग खनिजों की उपस्थिति के कारण उनके ल्यूमिनिसेंस अभिक्रिया संबंधी परिणाम भी अलग-अलग प्राप्त होते है। डाॅ. धोबले ने उपस्थित विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे किसी भी विषय के गहराई में जाकर उसका चिंतन करें, इससे सफलता अवष्य मिलेगी। डाॅ. अतुल वर्मा तथा डाॅ. संजय धोबले के व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियांे ने अनेक प्रष्न पूछकर अपनी जिज्ञासा का समाधान किया। 
आज ही विद्यार्थियों हेतु विज्ञान की अवधारणा पर केन्द्रित प्रतियोगिता आयोजित की गयी, जिसमें 1 घंटे की समयावधि में विद्यार्थियों को अपने मन में उत्पन्न विचारों के आधार पर किसी भी वैज्ञानिक सोच का वर्णन करना था। इस प्रतियोगिता में प्रतिभागी विद्यार्थियों ने अपनी सोच में लिखा की माताओं को प्रसव के दौरान होने वाले दर्द के निराकरण हेतु कोई टेबलेट निजात की जानी चाहिए, जिससे प्रसव पीड़ा को कम किया जा सके। इसी प्रकार बड़ी उम्र में मोतियाबिन्द जैसे आंख के आपरेषन के दौरान होने वाले कष्ट के निवारण हेतु तरीके खोजे जाने पर भी विद्यार्थियों ने अपना विचार रखा। बस्तर अंचल के विद्यार्थियों ने लिखा कि यदि कोई ऐसी गोली का आविष्कार हो जाये, जिसे खाते ही वांछित साहित्य अथवा पाठ्यक्रम याद हो जाये। उन्होंने महाभारत एवं रामायण जैसे महाग्रंथों को याद करने हेतु कोई नया आविष्कार करने की अवधारणा भी व्यक्त की। बस्तर अंचल के विद्यार्थी ने लिखा की इस प्रकार का इनोवेषन होना चाहिए कि यदि कोई दुपहिया वाहन चालक हेलमेट न पहने तो वाहन स्टार्ट न हो। इंस्पायर कैम्प के 200 विद्यार्थियों में से सर्वश्रेष्ठ अवधारणा व्यक्त करने वाले विद्यार्थियों को समापन समारोह में पुरस्कृत किया जायेगा। 
आज दोपहर के सत्र में प्रायोगिक कार्य के दौरान विद्यार्थियों ने साईंस कालेज, दुर्ग की प्रयोगषाला में भौतिक, रसायन, कम्प्यूटर साईंस, वनस्पति शास्त्र, प्राणीषास्त्र, माइक्रोबायलाॅजी, बायोटेक्नालाॅजी से संबंधित प्रायोगिक कार्यों को स्वयं संपादित करके देखा। बस्तर एवं सरगुजा के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने साईंस कालेज में उपलब्ध उपकरणों को अपने अध्ययन काल में प्रथम बार देखा अभी तक पाठ्य पुस्तकों में ही इन उपकरणों के चित्र अथवा इनके बारे मंे जानकारी देखा करते थे। विद्यार्थियों ने प्रायोगिक कार्य को उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इंस्पायर कैम्प के सहायक समन्वयक डाॅ. अनिल कुमार, डाॅ. अजय सिंह एवं डाॅ. प्रषांत श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से बताया कि कल इंस्पायर कैम्प के 5वें एवं अंतिम दिन भारतीय सांख्यिकी संस्थान दिल्ली के गणितज्ञ डाॅ. आर.बी. बापट तथा नई दिल्ली के डाॅ. धीरज कुमार का जीव विज्ञान से संबंधित व्याख्यान होगा। इसके पश्चात् शाम 3.00 बजे से साईंस कालेज, दुर्ग के रवीन्द्रनाथ टैगोर सभागार में समापन समारोह में सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए जायेंगे।

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