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Photo Gallery: इंस्पायर प्रोग्राम का तीसरा दिन - छत्तीसगढ़ के प्रतिभागी विद्यार्थियों की क्षमता देखकर विषेषज्ञ आष्चर्य चकित

 

इंस्पायर प्रोग्राम का तीसरा दिन - छत्तीसगढ़ के प्रतिभागी विद्यार्थियों की क्षमता देखकर विषेषज्ञ आष्चर्य चकित


Venue : Govt. V.Y.T. PG AUTONOMOUS COLLEGE, DURG
Date : 05/01/2020
 

Story Details

शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग में चल रहे डीएसटी नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित इंस्पायर साईंस इंटर्नषिप कैम्प में छत्तीसगढ़ के प्रतिभागी विद्यार्थियों की बौध्दिक एवं सांस्कृतिक क्षमता देखकर विषेषज्ञ आष्चर्य चकित हो गये। कैम्प के दौरान विषेषज्ञ के रूप में पधारे चंडीगढ़ के डाॅ. आलोक श्रीवास्तव, ग्रेटर नोयडा के डाॅ. एन.बी. सिंह, मुंबई की डाॅ. संजीवनी घारगे, मुंबई के डाॅ. संजय देषमुख, अहमदाबाद के डाॅ. मानसिंह तथा डाॅ. उदयन प्रजापति ने संयुक्त रूप से अपना अनुभव व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों में अनूठी प्रतिभा विद्यमान है। जिस प्रकार की प्रस्तुति उन्होंने सांस्कृतिक संध्या के दौरान दी तथा जिस प्रकार के उच्च स्तरीय प्रष्न वे व्याख्यान के दौरान पूछ रहे है, उससे इन विद्यार्थियों की बौध्दिक दक्षता का पता चलता है। महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. आर.एन. सिंह एवं रसायन शास्त्र के प्रोफेसर डाॅ. अजय सिंह ने इंस्पायर साईंस कैम्प के दौरान दंतेवाड़ा स्थित छू लो आसमान विद्यालय की छात्रा के उत्कृष्ट प्रदर्षन पर अपनी ओर से नकद पुरस्कार देकर छात्रा को सम्मानित किया। 
इंस्पायर कैम्प के सहायक समन्वयक डाॅ. अनिल कुमार, डाॅ. अजय सिंह एवं डाॅ. प्रषांत श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि इंस्पायर कैम्प के तीसरे दिन आज 3 व्याख्यान आयोजित किए गए इनमें मुंबई विष्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डाॅ. संजय देषमुख का व्याख्यान विद्यार्थियों हेतु अत्यंत प्रेरणादायी रहा। डाॅ. देषमुख ने वनस्पति शास्त्र की शाखा इकोलाॅजी को वर्तमान समय की मांग एवं विद्यार्थियों के योगदान के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए अत्यंत लाभकारी व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि आज हमारे देष की 55 प्रतिषत जनसंख्या 25 वर्ष से कम आबादी वाली है। हमें इतने बड़े मानव संसाधन का सदुउपयोग करना है। उन्हांेने उपस्थित शालेय प्रतिभागियों को सलाह दी कि वे किसी भी विषय का चयन किसी के कहने पर न करते हुए स्वयं अपनी दक्षता के आधार पर करें। ईमानदारी, समर्पण एवं ज्ञान साझा करने की भावना सफलता के मूलमंत्र है। 
द्वितीय व्याख्यान में अहमदाबाद के डाॅ. मानसिंह ने अणुओं के आतंरिक आकर्षण बल से संबंधित नये सिध्दांत की रोचक व्याख्या करते हुए बताया कि बर्फ में वाष्प की अपेक्षा अणुओं को आपस में बांध के रखने की क्षमता अधिक होती है। डाॅ. मानंिसंह ने नैनो साइंस में वर्षा के महत्व का भी विष्लेषण किया। मानव शरीर में होने वाले घुटने के दर्द के कारण पर अपने विचार रखते हुए उन्होंने बताया कि ग्लूकोज के सेवन से घुटने में उपस्थित हेल्यूरिक एसिड की श्यानता को नियंत्रित रखकर दर्द कम किया जा सकता है। डाॅ. मानसिंह ने आंखों के चश्मे, लैंस निर्माण में टायटेनियम के अनुप्रयोग की भी रोचक व्याख्या की। विद्यार्थियों ने कौतूहल वष डाॅ. मानसिंह से अनेक प्रष्न पूछे। डाॅ. मानसिंह ने पीलिया बिमारी के कारण एवं बरती जानी वाली सावधानियां को भी सरल शब्दों में विद्यार्थियों को समझाया। 

तृतीय व्याख्यान में अहमदाबाद के डाॅ. उदयन प्रजापति ने गणित के जटिल प्रष्नों को सरल तरीके से हल करने के विभिन्न प्रयासांे का विष्लेषण किया। गणित ओलंपियाड तथा आईआईटी जैसे कठिन परीक्षाओं में निर्धारित समय में प्रष्नों को हल करने के तरीकों का जब डाॅ. उदयन प्रजापति ने उल्लेख किया तो छत्तीसगढ़ अंचल के विद्यार्थी प्रसन्न हो उठे। विद्यार्थियों ने डाॅ. प्रजापति के व्याख्यान को अत्यंत लाभप्रद बताते हुए कहा कि वे भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान गणित के प्रष्नों को हल करते समय डाॅ. प्रजापति के टिप्स को इस्तेमाल करेगें। 
महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. आर.एन. सिंह ने जानकारी दी कि आज 3 व्याख्यानों के पश्चात् सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को महाविद्यालय के 12 प्राध्यापकों के नेतृत्व में रायपुर स्थित साईंस सेंटर ले जाया गया। जहां विद्यार्थियों ने अपने पाठ्यक्रम से संबंधित अनेक प्रयोगों एवं सिध्दांतों को भौतिक रूप से न केवल देखा बल्कि स्वयं प्रयोग भी किये। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों के लिए साईंस सेंटर का भ्रमण किसी आष्चर्य से कम नही था। कल 6 जनवरी को इंस्पायर प्रोग्राम के चैथे दिन अहमदाबाद के भौतिक शास्त्री डाॅ. अतुल वर्मा, नागपुर के डाॅ. संजय धोबले तथा जोधपुर के रसायन शास्त्री डाॅ. पी.के. शर्मा का व्याख्यान होगा। इसके पश्चात् प्रतिभागी विद्यार्थी दोपहर के सत्र में साईंस कालेज, दुर्ग की उन्नत प्रयोगषालाओं में प्रायोगिक कार्य करेेंगे। इसी दिन विद्यार्थियों का वैज्ञानिक अवधारणा पर आधारित टेस्ट भी आयोजित किया जायेगा। 
प्रतिभागी विद्यार्थियों हेतु महाविद्यालय के सभागार में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में साईंस कालेज, दुर्ग तथा छू लो आसमान विद्यालय दंतेवाड़ा की छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। बस्तरिया नृत्य, रास गरबा, छत्तीसगढ़ी नृत्य तथा झूपत झूपत आबे दाई भजन पर छात्र-छात्राऐं देर तक झूमते रहें। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्तर की प्रसिध्द नृत्यांगना डाॅ. सरिता श्रीवास्तव ने षिव स्तुति तथा ठूमरी पर आधारित कत्थक नृत्य प्रस्तुत कर दर्षकों की तालियां बटोरी। अंत में धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. अनुपमा अस्थाना ने किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचालन साईंस कालेज, दुर्ग के स्नातकोत्तर विद्यार्थी प्रतीक्षा तिवारी तथा आषीष देवांगन ने किया। 

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