Principal's Message

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नये शिक्षण सत्र 2017-18 के आरम्भ होने पर आप सभी को मेरी शुभकामनाएं | महाविद्यालय परिवार के मुखिया के रूप में इस महाविद्यालय में प्रवेश पाने वाले समस्त छात्र छात्राओं एवं उनके पालकों का मैं हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत करता हूँ | जैसा की आप सभी को विदित है की गत शैक्षणिक वर्ष 2016-17 में इस महाविद्यालय को अभूतपूर्व सफलता तब प्राप्त हुई जब नैक,बैंगलोर द्वारा पुनर्मूल्यांकन के पश्चात इस महाविद्यालय को 3.58 सीजीपीए अंको के साथ ‘ए प्लस’ प्रदान किया गया | मुझे आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है की हमारा महाविद्यालय नैक,बैंगलोर द्वारा पुनार्मुल्यांकित छत्तीसगढ़ प्रदेश का एकमात्र एवं सर्वप्रथम ‘ए+’ ग्रेड प्राप्त महाविद्यालय है |इस उपलब्धि का सम्पूर्ण श्रेय महाविद्यालय परिवार के प्रत्येक सदस्य, वर्तमान एव भूतपूर्व छात्र छात्राएं, वर्तमान एव भूतपूर्व प्राध्यापक तथा प्राचार्य गण, सम्माननीय पालकगण, उच्च शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन तथा महाविद्द्यालय से प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से जुड़े हुए  समाज के विभिन्न वर्गों के नागरिकों को जाता है | सत्र 2016-17 में हमारे महाविद्द्यालय के विद्यार्थियों, शोधार्थियों प्राध्यापकों एवं खिलाडी छात्र छात्रों ने अकादमिक, संस्कृतिक, खेलकूद एवं अन्य पाट्ठ्येत्तर गतिविधियों में रास्ट्रीय एवं अंतरास्ट्रीय स्तर पर अपना परिचय दिया है | मैं इन सभी को अपनी तरफ से बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूँ | महाविद्यालय के इन्ही उल्लेखनीय गतिविधियों के आधार पर यूजीसी नई दिल्ली ने इसे यूजीसी की नई प्रतिष्ठान योजना “कॉलेज विथ पोटेंशिअल फॉर एक्शिलेंश (सीपीई) फेस 3” में शामिल किया है | मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा रास्ट्रीय हायर एजुकेशन क्वालिफिकेशन फ्रेम्वर्क तैयार करने हेतु चयनित देश के 20 प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थानों में महाविद्द्यालय का चयन समूचे महाविद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है |

पिछले शैक्षणिक सत्र में महाविद्द्यालय प्रशासन ने विद्द्यार्थियों के सर्वागीण विकास एवं रोजगार उपलब्ध करवाने की दृष्टि से अनेक सार्थक प्रयास किये हैं | इन्ही प्रयासों के परिणाम स्वरुप महाविद्द्यालय के 50 से अधिक विद्द्यार्थियों का प्रतिष्ठित संस्थानों में कैम्पस इंटरव्यू द्वारा चयन, अंतर्विश्वविद्द्यालायींन युवा उत्सव स्पर्धा हेतु चयन, युवा वैज्ञानिक पुरस्कार, डीएसटी का वूमेंस साइंटिस्ट पुरस्कार जैसी उल्लेखनीय सफलताएँ संभव हो पाईं | महाविद्द्यालय के अनेक छात्र एवं छात्रायें खिलाडियों ने जिला एवं विश्वविद्द्यालय स्तर पर हिस्सा लेकर महाविद्द्यालय को गौरवान्वित किया है | महाविद्द्यालय के एन.सी.सी. के 3 कैडेट्स ने गणतन्त्र दिवस समारोह नईदिल्ली में हिस्सा लेकर  अपनी दक्षता का परिचय दिया | एन.एस.एस. एवं यूथ रेडक्रॉस के सदस्यों ने भी अपनी उल्लेखनीय समाजसेवी कार्यों के द्वारा विशिष्ट छाप छोड़ी है अक्टूबर 2016  में आयोजित भारतीय विज्ञान एवं तकनीकी प्रभाग (डीएसटी )नईदिल्ली द्वारा प्रायोजित “इंस्पायर प्रोग्राम“ का आयोजन एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न जिले के 200 शालेय छात्र-छात्राओं की सहभागिता इस महाविद्द्यालय के इतिहास में मील का पत्थर सिद्ध हुआ | महाविद्द्यालय प्रशासन वर्तमान शिक्षण सत्र 2017-18 में भी पुनः “इंस्पायर प्रोग्राम” के आयोजन हेतु प्रयासरत है |

गत शैक्षणिक सत्र में महाविद्द्यालय में 03 “स्मार्ट क्लास रूम” विकसित किये गए हैं इनके अतिरिक्त महाविद्द्यालय में रवीन्द्रनाथ टैगोर सेमीनार हाल, डॉ.एपीजे कलाम स्मार्ट क्लासरूम, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन हाल भी महाविद्द्यालय में स्थापित किये गए हैं | विद्द्यार्थियों एवं पालकों की सुविधा हेतु महाविद्द्यालय प्रसासनिक भवन में रिसेप्सन काउंटर, हेल्प डेस्क, डिजिटल स्क्रीन डिस्प्ले बोर्ड, एस.एम्.एस.द्वारा विद्द्यार्थियों पालकों एवं महाविद्द्यालयो अधिकारीयों/कर्मचारियों को सूचना का संप्रेषण जैसी नई सुविधाएँ आरंभ की गयी है महाविद्द्यालय ग्रन्थालय में शोधार्थियों हेतु प्रथम तल पर रिफरेन्स सेक्शन भी आरंभ किया गया है समूचे महाविद्द्यालय परिवार एवं आम नागरिकों हेतु महाविद्द्यालय के मुख्य द्वार के समीप स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के एटीएम तथा कॉलेज स्टेशनरी शॉप एवं इंदौर हाल में महाविद्द्यालय परिवार हेतु “मेडिकल इन्वेस्टीगेशन रूम” की सुविधा भी मुहैया करायी गयी है | महाविद्द्यालय में रुसा एवं छत्तीसगढ़ शासन की मदद से निर्माणाधीन 14 व्याख्यान्न कक्ष एवं छात्रावास का निर्माण कार्य लगभग पूर्णता की ओर है तथा नए शैक्षणिक सत्र में विद्द्यार्थियों हेतु इनके आरंभ हो जाने की आशा है | इसी प्रकार यू.जी.सी. द्वारा प्रदत्त अनुदान राशी से महाविद्द्यालय परिसर में कन्या छात्रावास का निर्माण भी अंतिम चरण में है | शासन की महत्वकांछी योजना”सैटेलाइट के माध्यम से शिक्षण” हेतु चुने गए 5 महाविद्द्यालयों में से इस महाविद्द्यालय का चयन हम सभी के लिए हर्ष का विषय है |

वर्तमान शिक्षण सत्र में विद्यार्थियों हेतु अनेक कल्याणकारी योजनाएं प्रस्तावित हैं | इनमे पोस्ट ग्रेजुएट एवं ग्रेजुएट स्तर पर नये रोजगारन्मुखी पाट्ठ्यक्रमों का स्ववित्तीय आधार पर आरंभ करना, प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु कोचिंग कक्षाओं का आयोजन तथा ग्रंथालय में प्रतियोगी परीक्षाओं से सम्बंधित पुस्तकों का क्रय, काउंसिलिंग आधारित पीजी कक्षाओं में प्रवेश, स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना; कैंटीन तथा बालक छात्रावस का उन्नयन आदि प्रमुख हैं |

महाविद्द्यालय की विकास यात्रा में नवगठित जनभागीदारी समिति का महत्त्वपूर्ण योगदान है | समस्त सदस्यों के सकारात्मक सहयोग के लिए मैं उन सभी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करता हूँ | 

गत वर्षों की उपलब्धियों एवं दैनिक पठन पाठन गतिविधियों में निरंतर सहयोग के लिए मैं महाविद्द्यालय परिवार के प्रत्येक सदस्य को धन्यवाद देता हूँ तथा वर्तमान नए शिक्षण सत्र में पुनः इसी प्रकार के रचनात्मक सहयोग की अपील करता हूँ | आज का युग प्रतियोगिता का युग है | कठिन परिश्रम, इमानदारी एवं दिशायुक्त प्रयास से ही विद्द्यार्थी अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं | आशा है  महाविद्द्यालय के सभी विद्द्यार्थी इन बातों पर अमल कर महाविद्द्यालय का नाम रोशन करेंगे | इस वर्ष गठित होने वाले छात्रसंग के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से भी मेरी अपील है की महाविद्द्यालय की विकास यात्रा में कन्धा से कन्धा मिलाकर सहयोग दें, जिससे हमारा महाविद्द्यालय न केवल छत्तीसगढ़ अपितु देश के प्रतिष्ठित महाविद्द्यालय के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर सके |


प्राचार्य
डॉ. एस. के. राजपूत