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Photo Gallery: एक भारत-श्रेष्ठ भारत क्लब का गठन

 

एक भारत-श्रेष्ठ भारत क्लब का गठन


Venue : Govt. V.Y.T. PG AUTONOMOUS COLLEGE, DURG
Date : 15/01/2020
 

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शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग में एक भारत श्रेष्ठ भारत क्लब का गठन किया गया। ज्ञातव्य है, कि एक भारत श्रेष्ठ भारत क्लब का गठन राष्ट्रीय उच्चतर षिक्षा अभियान के तहत किया गया है, जिसमें प्रदेष के जिले के सभी अग्रणी महाविद्यालयों का गुजरात प्रदेष की सांस्कृतिक विरासत, रहन-सहन खानपान बोली भाषा एवं साहित्य का सम्मिलित अध्ययन किया जाना है। इसमें हमारे प्रदेष के छात्र-छात्राओं को गुजरात प्रदेष के छात्र-छात्राओं के साथ पारस्परिक संपर्क रखते हुए उनके लोक गीत, अध्ययन-अध्यापन, खेलकूद के साथ-साथ गहन संस्कृति का अध्ययन किया जाना है, जिससे छत्तीसगढ़ एवं गुजरात के छात्रों के बीच सांस्कृतिक एकता का आदान प्रदान हो सके। क्लब का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य एवं मुख्य अतिथि डाॅ. आर.एन. सिंह द्वारा किया गया, जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत पर जोर दिया तथा छात्रों को छत्तीसगढ़ से संबंधित सभी सांस्कृतिक परंपरा, वेषभूषा, लोक गीतों का अध्ययन विस्तार पूर्वक करने को कहा, जिससे वे गुजरात दौरे पर आपसी सामंजस्य एवं परंपराओं का आदान प्रदान कर सके। कार्यक्रम में विषिष्ट अतिथि के रूप में डाॅ. ए.के. खान, प्राध्यापक (अर्थषास्त्र) एवं विषिष्ट अतिथि के रूप में डाॅ. शकील हुसैन, सहायक प्राध्यापक राजनीति शास्त्र उपस्थित थे। उन्होंने छात्रों के बीच छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक एकता एवं विरासत को सहेज कर रखने को कहा, जिससे पूरा भारत देष को एक सूत्र में पिरोया जा सके। विषेष तौर पर उन्होंने बोली एवं भाषा का अध्ययन करने को कहा, जिससे हमारे वर्तमान के अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों को भी अपनी संस्कृति एवं परम्पराओं का ज्ञान हो सके। महाविद्यालय के रूसा प्रभारी डाॅ. व्ही.एस. गीते ने रूसा द्वारा कराये जा रहे इस प्रकार के कार्यक्रमों एवं उनके उद्देष्यों की जानकारी छात्रोें को विस्तारपूर्वक दी। उन्होंने बताया कि लगभग 200 छात्रों के बीच 4 समूहों का निर्माण किया गया, जिनके बीच में आपस में सांस्कृतिक प्रतिस्पर्धा का आयोजन किया जायेगा। 
महाविद्यालय में इस संदर्भ में विषेष तौर पर एक नोटिस बोर्ड का गठन किया गया है, जिसमें गुजरात की सभी सांस्कृतिक चीजों को दर्षाया जायेगा साथ ही साथ महाविद्यालय में गुजराती भाषा का भी अध्यापन कराया जायेगा। गुजरात कीे संस्कृति, बोली, भाषा, लोकगीतों, रहन-सहन, प्रमुख नदियों, बांधों, पर्यावरण तकनीकी इत्यादि सभी का अध्ययन करने के लिए महाविद्यालय से 50 छात्रों की टीम जल्द ही गुजरात के सहयोगी वंषदा महाविद्यालय, सूरत का दौरा करेगी, जिससे छत्तीसगढ़ और गुजरात के छात्रों के बीच सांस्कृतिक एकता का गठन किया जा सके। शासन के निर्देषानुसार प्राध्यापकों की उच्च स्तरीय टीम भी गुजरात प्रदेष का दौरा करेगी। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के बी.ए., बी.काॅम, बी.एससी, एमएससी, एम.काॅम, एम.ए., पीजीडीसीए आदि कक्षाओं के लगभग 200 छात्रों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ के लोकगीत जैसे-सुआ, ददरिया, बांस गीत, जसगीत, पंथी नृत्य, कर्मा नृत्य एवं खानपान के बारे में जानकारी हासिल की। कार्यक्रम का संचालन एमएससी तृतीय सेमेस्टर रसायन शास्त्र के छात्र आषीष देवांगन एवं एम.एससी तृतीय सेमेस्टर की छात्रा कु. प्रतीक्षा तिवारी ने किया। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. अलका मिश्रा, (प्राणीषास्त्र) एवं डाॅ. सतीष कुमार सेन, सहायक प्राध्यापक, (वनस्पति षास्त्र) द्वारा किया गया। 

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